$type=complex$count=4

एम। विश्वेश्वरैया एक भारतीय मुख्य सिविल इंजीनियर की जीवन परिचय/इतिहास Sir.MV- M. Visvesvaraya History in Hindi

एम। विश्वेश्वरैया एक भारतीय मुख्य सिविल इंजीनियर की जीवन परिचय M. Visvesvaraya History in Hindi एम। विश्वेश्वरैया की प्रारंभिक जीवन/ Early life of M. Visvesvaraya एम। विश्वेश्वरैया का कैरियर/M. Visvesvaraya's career

एम। विश्वेश्वरैया/ M. Visvesvaraya History

सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या केसी, FASc को सर मोक्षगोंदम विश्वेश्वरय्या के नाम से भी जाना जाता है, जिन्हें सर एमवी के रूप में जाना जाता है, एक भारतीय मुख्य सिविल इंजीनियर, विद्वान, राजनेता, राजनीतिज्ञ और मैसूर के 19 वें दीवान थे, जिन्होंने 1912 से 1919 तक सेवा की। भारत रत्न, 1955 में।

M. Visvesvaraya History in Hindi


जन्म: 15 सितंबर 1861, मुडेनाहल्ली
निधन: 12 अप्रैल 1962, बेंगलुरु
पुरस्कार: भारत रत्न

भारतरत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या (एम. विश्वेश्वरैया) एक प्रख्यात इंजीनियर और राजनेता थे। उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत के निर्माण में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 1955 में देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ से अलंकृत किया गया था। भारत में उनका जन्मदिन अभियन्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है। जनता की सेवा के लिए ब्रिटिश सरकार ने उन्हें ‘नाइट कमांडर ऑफ़ द ब्रिटिश इंडियन एम्पायर’ (KCIE) से सम्मानित किया। वो हैदराबाद शहर के बाढ़ सुरक्षा प्रणाली के मुख्य डिज़ाइनर थे और मुख्य अभियंता के तौर पर मैसोर के कृष्ण सागर बाँध के निर्माण में मुख्या भूमिका निभाई थी।

एम। विश्वेश्वरैया की प्रारंभिक जीवन/ Early life of M. Visvesvaraya


मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म कोलार जिले के चिक्काबल्लापुर में 15 सितंबर1860 को एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम श्रीनिवास शास्त्री तथा माता का नाम वेंकाचम्मा था। उनके पूर्वज आंध्र प्रदेश के मोक्षगुंडम से यहाँ आकर बस गए थे। उनके पिता श्रीनिवास शास्त्री संस्कृत के विद्वान और आयुर्वेदिक चिकित्सक थे। जब बालक विश्वेश्वरैया मात्र 12 साल के थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गयी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा उनके जन्मस्थान पर स्थित एक प्राइमरी स्कूल में हुई। तत्पश्चात उन्होंने बैंगलोर के सेंट्रल कॉलेज में दाखिला लिया। धन के अभाव के चलते उन्हें यहाँ ट्यूशन करना पड़ता था। इन सब के बीच उन्होंने वर्ष 1881 में बीए की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया और उसके बाद मैसूर सरकार की मदद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पूना के साइंस कॉलेज में दाखिला लिया। सन 1883 की एलसीई व एफसीई परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करके उन्होंने अपनी योग्यता का परिचय दिया और इसको देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इन्हें नासिक में सहायक इंजीनियर के पद पर नियुक्त किया।

एम। विश्वेश्वरैया का कैरियर/M. Visvesvaraya's career

M. Visvesvaraya History in Hindi

इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्हें मुंबई के PWD विभाग में नौकरी मिल गयी। उन्होंने डेक्कन में एक जटिल सिंचाई व्यवस्था को कार्यान्वित किया। संसाधनों और उच्च तकनीक के अभाव में भी उन्होंने कई परियोजनाओं को सफल बनाया। इनमें प्रमुख थे कृष्णराजसागर बांध, भद्रावती आयरन एंड स्टील व‌र्क्स, मैसूर संदल ऑयल एंड सोप फैक्टरी, मैसूर विश्वविद्यालय और बैंक ऑफ मैसूर। ये उपलब्धियां एमवी के कठिन प्रयास से ही संभव हो पाई।

मात्र 32 साल के उम्र में सुक्कुर (सिंध) महापालिका के लिए कार्य करते हुए उन्होंने सिंधु नदी से सुक्कुर कस्बे को जल आपूर्ति की जो योजना उन्होंने तैयार किया वो सभी इंजीनियरों को पसंद आया।

अँगरेज़ सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के उपायों को ढूंढने के लिए एक समिति बनाई। उनको इस समिति का सदस्य बनाया गया। इसके लिए उन्होंने एक नए ब्लॉक प्रणाली का आविष्कार किया। इसके अंतर्गत उन्होंने स्टील के दरवाजे बनाए जो कि बांध से पानी के बहाव को रोकने में मदद करता था। उनके इस प्रणाली की बहुत तारीफ़ हुई और आज भी यह प्रणाली पूरे विश्व में प्रयोग में लाई जा रही है।

उन्होंने मूसा व इसा नामक दो नदियों के पानी को बांधने के लिए भी योजना बनायीं थी। इसके बाद उन्हें वर्ष 1909 में मैसूर राज्य का मुख्य अभियन्ता नियुक्त किया गया।

वो मैसूर राज्य में आधारभूत समस्याओं जैसे अशिक्षा, गरीबी, बेरोजगारी, बीमारी आदि को लेकर भी चिंतित थे। इन समस्याओं से निपटने के लिए उन्होंने ने ‘इकॉनोमिक कॉन्फ्रेंस’ के गठन का सुझाव दिया। इसके बाद उन्होंने मैसूर के कृष्ण राजसागर बांध का निर्माण कराया। चूँकि इस समय देश में सीमेंट नहीं बनता था इसलिए इंजीनियरों ने मोर्टार तैयार किया जो सीमेंट से ज्यादा मजबूत था।

एम। विश्वेश्वरैया मैसूर के दीवान/M. Visvesvaraya Diwan of Mysore


मैसूर राज्य में उनके योगदान को देखते हुए मैसूर के महाराजा ने उन्हें सन 1912 में राज्य का दीवान यानी मुख्यमंत्री नियुक्त कर दिया। मैसूर के दीवान के रूप में उन्होंने राज्य के शैक्षिक और औद्योगिक विकास के लिए अथक प्रयास किया। उनके प्रयत्न से राज्य में कई नए उद्योग लगे। उनमें से प्रमुख थे चन्दन तेल फैक्टरी, साबुन फैक्टरी, , क्रोम टेनिंग फैक्टरी। उनके द्वारा प्रारंभ किये गए कई कारखानों में से सबसे महत्वपूर्ण भद्रावती आयरन एंड स्टील वर्क्स है। सर एम विश्वेश्वरैया स्वेच्छा से 1918 में मैसूर के दीवान के रूप में सेवानिवृत्त हो गए।

सेवानिवृत्ति के बाद भी वो सक्रिय रूप से कार्य कर रहे थे। राष्ट्र के लिए उनके अमूल्य योगदान को देखते हुए सन 1955 में भारत सरकार ने उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया। जब सर एम विश्वेश्वरैया 100 साल हुए तब भारत सरकार ने उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी किया।

101 की उम्र में 14 अप्रैल 1962 को विश्वेश्वरैया का निधन हो गया।

एम। विश्वेश्वरैया को सम्मान और पुरस्कार/M. Awards and Awards to Visvesvaraya



  • 1904: लगातार 50 साल तक लन्दन इंस्टिट्यूट ऑफ़ सिविल इंजीनियर्स की मानद सदस्यता
  • 1906: उनकी सेवाओं की मान्यता में “केसर-ए-हिंद ‘ की उपाधि
  • 1911: कम्पैनियन ऑफ़ द इंडियन एम्पायर (CIE)
  • 1915: नाइट कमांडर ऑफ़ द आर्डर ऑफ़ थे इंडियन एम्पायर (KCIE )
  • 1921: कलकत्ता विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टर ऑफ़ साइंस से सम्मानित
  • 1931: बॉम्बे विश्वविद्यालय द्वारा LLD
  • 1937: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा D. Litt से सम्मानित
  • 1943: इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (भारत) के आजीवन मानद सदस्य निर्वाचित
  • 1944: इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा D.Sc.
  • 1948: मैसूर विश्वविद्यालय ने डॉक्टरेट – LLD से नवाज़ा
  • 1953: आंध्र विश्वविद्यालय द्वारा D.Litt से सम्मानित
  • 1953: इंस्टिट्यूट ऑफ़ टाउन प्लानर्स ( भारत) के मानद फैलोशिप से सम्मानित
  • 1955: ‘भारत रत्न’ से सम्मानित
  • 1958: बंगाल की रॉयल एशियाटिक सोसायटी परिषद द्वारा ‘दुर्गा प्रसाद खेतान मेमोरियल गोल्ड मेडल’
  • 1959: इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस द्वारा फैलोशिप


एम। विश्वेश्वरैया टाइमलाइन (जीवन घटनाक्रम)/Timeline (life events)


  • 1860: मैसोर राज्य में जन्म हुआ
  • 1881: बीए की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया
  • 1883: एलसीई व एफसीई परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया
  • 1884: बॉम्बे राज्य के PWD विभाग में सहायक अभियंता के तौर पर शामिल हुए; नासिक, खानदेश और पूना में कार्य किया
  • 1894: सिंध स्थित सुक्कुर महापालिका को अपनी सेवाएं दीं
  • 1895: सुक्कुर कसबे के लिए जल आपूर्ति योजना तैयार की
  • 1896: सूरत शहर में अधिशाषी अभियंता नियुक्त
  • 1897–99: पूना में सहायक अधीक्षक अभियंता
  • 1898: चाइना और जापान की यात्रा की
  • 1899: पूना में सिंचाई के अधिशाषी अभियंता
  • 1901: बॉम्बे राज्य में सेनेटरी इंजिनियर और सेनेटरी बोर्ड के सदस्य
  • 1901: इंडियन इरीगेशन कमीशन के सामने साक्ष्य रखा
  • 1906: उनकी सेवाओं की मान्यता में “केसर-ए-हिंद ‘ की उपाधि
  • 1907: अधीक्षण अभियंता
  • 1908: मिस्र, कनाडा, अमेरिका और रूस की यात्रा की
  • 1909: हैदराबाद राज्य को बाढ़ के दौरान कंसल्टेंसी दी
  • 1909: ब्रिटिश सेवा से निवृत्त हो गए
  • 1909: मैसोर राज्य के मुख्या अभियंता और सचिव के तौर पर नियुक्त
  • 1911: कम्पैनियन ऑफ़ द इंडियन एम्पायर (CIE)
  • 1913: मैसोर राज्य के दीवान नियुक्त
  • 1915: नाइट कमांडर ऑफ़ द आर्डर ऑफ़ थे इंडियन एम्पायर (KCIE )
  • 1927-1955: टाटा स्टील के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर पर
  • 1955: ‘भारत रत्न’ से सम्मानित
  • 1962: 101 की उम्र में 14 अप्रैल 1962 को विश्वेश्वरैया का निधन हो गया | 
यह भी पढ़ें- 

हमे उम्मीद है आपको यह लेख- एम। विश्वेश्वरैया एक भारतीय मुख्य सिविल इंजीनियर की जीवन परिचय/इतिहास Sir.MV-  M. Visvesvaraya History in Hindi पसंद आएगा | 

No comments:

Name

Akbar Birbal Kahani,8,Akbar Birbal ke kisse,1,Astronaut,1,Bachpan Shayari,1,Bal Gangadhar Tilak,1,Bhagat Singh Poetry,1,Bhoot ki Daravni Kahani,1,Biography,97,Bollywood Actors,3,dadimaa ki kahaniya,1,Discovery Ghosts,6,Facts,7,Festival,1,Founders,17,Free Ebooks,2,Freedom Fighters,1,Full Hindi Story,5,Funny Story,2,Harivansh Rai Bachchan,1,Haunted Place,3,Heavy Rain,3,Henry ford Biography,1,Hindi,1,Hindi Essay,1,Hindi Kahani,4,Hindi Moral Kahaniya,1,Hindi Poem,1,Hindi Poetry,15,Hindi Short Story,1,History,7,Horror Story,14,India,5,Indian Politicians,1,Indian Rivers,4,Inspirational Story,1,Inventors,1,Jack Ma Biography,1,Kahaniyan,10,Koi Deewana kehta hai Poem,1,Kumar Vishwas Poem,1,Latest,219,Lionel Messi Biography,1,Love Story,5,Mahatma Gandhi,1,Monument,4,Mother Teresa Biography,1,Motivational,1,Motivational Poetry,1,Motivational speaker,3,Motivational Story,5,Mystery,2,Prime Minister,1,Rahat Indori Poetry,1,Rainy Night At Window,1,Rajendra Prasad Biography Biography,1,Rajiv Gandhi Biography,1,Religious,4,Ritesh Agarwal,1,Sachin Tendulkar,1,Sad Poetry,3,Scientist,5,Success Story,8,Tenali Raman Hindi Story,2,The Great Khali Biography,1,Top Stories,35,Travel,1,Vikram Betal Story,1,Waterfall,1,Yahya Bootwala Poetry,2,Zakir Khan,4,Zindagi Poetry,3,भारतीय वैज्ञानिक,1,
ltr
item
StoryBookHindi: एम। विश्वेश्वरैया एक भारतीय मुख्य सिविल इंजीनियर की जीवन परिचय/इतिहास Sir.MV- M. Visvesvaraya History in Hindi
एम। विश्वेश्वरैया एक भारतीय मुख्य सिविल इंजीनियर की जीवन परिचय/इतिहास Sir.MV- M. Visvesvaraya History in Hindi
एम। विश्वेश्वरैया एक भारतीय मुख्य सिविल इंजीनियर की जीवन परिचय M. Visvesvaraya History in Hindi एम। विश्वेश्वरैया की प्रारंभिक जीवन/ Early life of M. Visvesvaraya एम। विश्वेश्वरैया का कैरियर/M. Visvesvaraya's career
https://3.bp.blogspot.com/-Z5mc1RPJ1gQ/XLG_15R1HWI/AAAAAAAACaw/xsv8zbeXNaY6GmJHTPuJ2Db7mcEgpLCMwCLcBGAs/s640/M.-Visvesvaraya-History-in-Hindi-Full-Hindi.jpg
https://3.bp.blogspot.com/-Z5mc1RPJ1gQ/XLG_15R1HWI/AAAAAAAACaw/xsv8zbeXNaY6GmJHTPuJ2Db7mcEgpLCMwCLcBGAs/s72-c/M.-Visvesvaraya-History-in-Hindi-Full-Hindi.jpg
StoryBookHindi
https://www.storybookhindi.com/2019/04/m.visvesvaraya-history-in-hindi.html
https://www.storybookhindi.com/
https://www.storybookhindi.com/
https://www.storybookhindi.com/2019/04/m.visvesvaraya-history-in-hindi.html
true
6125064977958501049
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy