मैं शून्य पे सवार हूँ - Main Shunya Pe Sawar Hu Lyrics



मैं शून्य पे सवार हूँ - Main Shunya Pe Sawar Hu Lyrics 


जाकिर खान
Main Shunya Pe Sawar Hu Lyrics



जाकिर खान एक भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडियन, लेखक, प्रस्तुतकर्ता और अभिनेता हैं। 2012 में, उन्होंने कॉमेडी सेंट्रल की भारत की तीसरी सर्वश्रेष्ठ स्टैंड अप कॉमेडियन प्रतियोगिता जीतकर लोकप्रियता हासिल की। वह AIB के साथ एक नए कॉमेडी शो, ऑन एयर का भी हिस्सा रहे हैं।

जन्म: 20 अगस्त 1987 (आयु 31 वर्ष), इंदौर
शिक्षा: एस.टी. पॉल हिजेंडरी स्कूल
माता-पिता: इस्माइल खान, कुलसुम खान
शो: चाचा विधायक हैं हमरे
भाई-बहन: जीशान खान, अरबाज खान




मैं शून्य पे सवार हूँ - हिंदी मैं लिरिक्स - Lyrics

Main Shunya Pe Sawar Hu Lyrics


मैं शून्य पे सवार हूँ- Zakir Khan

मैं शून्य पे सवार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ
बेअदब सा मैं खुमार हूँ
अब मुश्किलों से क्या डरूं
मैं खुद कहर हज़ार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ

उंच-नीच से परे
मजाल आँख में भरे
मैं लड़ रहा हूँ रात से
मशाल हाथ में लिए
न सूर्य मेरे साथ है
तो क्या नयी ये बात है
वो शाम होता ढल गया
वो रात से था डर गया
मैं जुगनुओं का यार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ

भावनाएं मर चुकीं
संवेदनाएं खत्म हैं
अब दर्द से क्या डरूं
ज़िन्दगी ही ज़ख्म है
मैं बीच रह की मात हूँ
बेजान-स्याह रात हूँ
मैं काली का श्रृंगार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ

हूँ राम का सा तेज मैं
लंकापति सा ज्ञान हूँ
किस की करूं आराधना
सब से जो मैं महान हूँ
ब्रह्माण्ड का मैं सार हूँ
मैं जल-प्रवाह निहार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ

~ जाकिर खान




Main Shunya Pe Sawar Hu Lyrics/ Zakir Khan 



Main shunya pe sawar hoon
beadab sa main khumaar hoon,
ab mushkilon se kya daroon ,
main khud kahar hazaar hoon
main shunya pe sawar hoon
oonch-neech se pare,

majaal aankh mein bhare,
main lad pada hoon raat se
mashaal haath mein lie
na soory mere saath hai ,
to kya nahin ye baat hai ,
vah shaam ko tha dhal gaya ,
vah raat se tha dar gaya ,
main juganuon ka yaar hoon
main shunya pe sawar hoon

bhaavanaen mar chukee ,
sanvedanaen khatm hai |
ab dard se main kya daroon ,
jindagee hee jakhm hai |
main beech rah kee maat hoon ,
be chaand siya raat hoon
main kaalee ka singaar hoon
main shunya pe sawar hoon

hoon raam ka sa tej main ,
lankaapati sa gyaan hoon ,
kisakee karoon aaraadhana ,
sabas jo main mahaan hoon
brahmaand ka mein saar hoon
main jalapravaah nihaar hoon
main shunya par sawar hoon

 Zakir Khan



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