बहुत बढ़िया | अकबर बीरबल की कहानियां - Akbar birbal Short Stories in Hindi

बहुत बढ़िया | अकबर बीरबल की कहानियां - Akbar birbal short stories in hindi

  1. राखपत और रखापत- Akbar Birbal Kahani
  2. राज्य में कौए कितने हैं?-Akbar Birbal Kahani
  3. छोटा बांस, बड़ा बांस-Akbar Birbal Kahani


akbar birbal short stories in hindi




बहुत बढ़िया | अकबर बीरबल की कहानियां 

  • राखपत और रखापत- Akbar Birbal ki Kahaniya






एक बार दिल्ली दरबार में बैठे हुए बादशाह अकबर ने अपने नवरत्नों से पूछा- 'भई, यह बताओ सबसे बडा़ पट यानी शहर कौन-सा हैं।'
पहले नवरत्न ने कहा ‘सोनीपत’।
दूसरा नवरत्न -'हुजूर, पानीपत सबसे बडा, पत हैं।

तीसरे नवरत्न ने लम्बी हांकी- 'नहीं जनाब, दलपत से बडा़ पत और कोई दूसरा नहीं हैं।
चौथे नवरत्न ने अपना राग अलापा- 'सबसे बडा़ पत तो दिल्लीपत यानी दिल्ली शहर हैं।
बीरबल चुपचाप बैठे हुए सारी बातें सुन रहे थे। बादशाह अकबर ने बीरबल से कहा तुम भी कुछ बोलो।
बीरबल ने कहा- 'सबसे बडा़ पत हैं ‘राखपत’ और दूसरा बडा़ पत हैं ‘रखापत’।'
बादशाह अकबर ने पूछा- 'बीरबल हमने सोनीपत, पानीपत दलपत और दिल्लीपत सब पत सुन रखे हैं। पर राखपत, रखापत किस शहर के नाम हैं।
बीरबल बोले 'हुजूर राखपत का मतलब हैं मैं आपके रखूं और रखापत का मतलब हैं आप मेरी बात रखो। यह मेलजोल और प्रेमभाव जिस पत में नहीं है, उस पत का क्या मतलब हैं। प्रेमभाव हैं तो जंगल में भी मंगल हैं और प्रेमभाव नहीं तो नगर भी नरक का द्वार हैं।
बादशाह अकबर बीरबल की बातों को सुनकर बहुत खुश हुए और उन्हें कई इनामों से नवाजा।


  • राज्य में कौए कितने हैं? Akbar Birbal Kahani





एक दिन बादशाह अकबर अपने मंत्री बीरबल के साथ अपने महल के बाग में घूम रहे थे।
बादशाह अकबर बागों में उड़ते कौओं को देखकर कुछ सोचने लगे और बीरबल से पूछा, 'क्यों बीरबल, हमारे राज्य में कितने कौए होंगे?'
बीरबल ने कुछ देर अंगुलियों पर कुछ हिसाब लगाया और बोले, 'हुजूर, हमारे राज्य में कुल मिलाकर 95, 463 कौए हैं।' 

तुम इतना विश्वास से कैसे कह सकते हो? हुजर, 'आप खुद गिन लीजिए, बीरबल बोले।'
बादशाह अकबर को कुछ इसी प्रकार के जवाब का अंदेशा था।
उन्होंने पूछा, 'बीरबल, यदि इससे कम हुए तो?'
तो इसका मतलब है कि कुछ कौए अपने रिश्तेदारों से मिलने दूसरे राज्यों में गए हैं और यदि ज्यादा हुए तो? तो इसका मतलब यह हैं हु़जूर कि कुछ कौए अपने रिश्तेदारों से मिलने हमारे राज्य में आए हैं - बीरबल ने मुस्कुरा कर जवाब दिया।
बादशाह अकबर एक बार फिर मुस्कुरा कर रह गए।


Akbar birbal Short Stories in Hindi


  • छोटा बांस, बड़ा बांस- Akbar Birbal Kahaniyan



एक दिन बादशाह अकबर एवं बीरबल बाग में सैर कर रहे थे। बीरबल लतीफा सुना रहा था और बादशाह अकबर उसका मजा ले रहे थे। 

तभी बादशाह अकबर को नीचे घास पर पड़ा बांस का एक टुकड़ा दिखाई दिया। उन्हें बीरबल की परीक्षा लेने की सूझी।
बीरबल को बांस का टुकड़ा दिखाते हुए वह बोले, 'क्या तुम इस बांस के टुकड़े को बिना काटे छोटा कर सकते हो?’
बीरबल लतीफा सुनाता-सुनाता रुक गया और बादशाह अकबर की आंखों में झांका।
बादशाह अकबर कुटिलता से मुस्कराए, बीरबल समझ गया कि बादशाह सलामत उससे मजाक करने के मूड में हैं।
अब जैसा बेसिर-पैर का सवाल था तो जवाब भी कुछ वैसा ही होना चाहिए था।
बीरबल ने इधर-उधर देखा, एक माली हाथ में लंबा बांस लेकर जा रहा था।
उसके पास जाकर बीरबल ने वह बांस अपने दाएं हाथ में ले लिया और बादशाह का दिया छोटा बांस का टुकड़ा बाएं हाथ में।
बीरबल बोला, 'हुजूर, अब देखें इस टुकड़े को, हो गया न बिना काटे ही छोटा।’
बड़े बांस के सामने वह टुकड़ा छोटा तो दिखना ही था।
निरुत्तर बादशाह अकबर मुस्करा उठे बीरबल की चतुराई देखकर।






मुझे उम्मीद है कि आपको अकबर बीरबल कहानी पसंद आएगी |
बहुत बढ़िया | अकबर बीरबल की कहानियां - Akbar birbal Short Stories in Hindi

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