मार्क जुकरबर्ग की जीवनी Facebook Founder - Mark Zuckerberg Biography in Hindi

मार्क जुकरबर्ग की जीवनी 
Facebook Founder - 
Mark Zuckerberg Biography in Hindi


Mark Zuckerberg Biography in Hindi
Mark Zuckerberg Biography in Hindi



मार्क ज़ुकरबर्ग पूरा नाम Mark Elliot Zuckerberg एक अमेरिकी कंप्यूटर प्रोग्रामर और इन्टरनेट उद्यमी हैं । इन्टरनेट की दुनिया में फेसबुक को लाकर उन्होंने सोशल मीडिया क्रांति को बढावा दिया ।

 उनका जन्म 14 मई, 1984 White Plains, New York शहर में पिता एडवर्ड ज़ुकरबर्ग (Edward Zuckerberg) एक दन्त चिकित्सक और माँ करेन केम्प्नेर (Karen Kempner) मनोचिकित्सक के यहाँ हुआ था । 


वह आज के दिन में फेसबुक के CEO(chief executive officer), मुख्य कार्यकारी तथा साथ ही सह-संस्थापक भी हैं । वर्ष 2015 के अंत में उनकी निजी संपत्ति 46$ अरब होने का अनुमान है।

Mark Zuckerberg ने कंप्यूटर पर सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग सबसे पहले अपने पिता से सिखा । वह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को लेकर इतने उत्साहित थे की उन्होंने उस उम्र में ही ZuckNet नामक सॉफ्टवेयर बनाया था जिससे उनके परिवार के लोग जैसे पिता के दन्त चिकित्सालय में उपयोग किया जाता था ।

 उनके घर में भी एक कंप्यूटर से दुसरे कमरे के कंप्यूटर पर बातचीत या कुछ भी सूचित करने के लिए उनका सॉफ्टवेयर उपयोग में लाया जाता था।   



Mark Zuckerberg और उनके 3 मित्र Andrew McCollum, Chris Hughes and Dustin Moskovitz ने 28 अक्टूबर, 2003 में FaceMash नाम से एक वेबसाइट भी डिजाईन किया था जिसके ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के द्वारा उपयोगकर्ता एक छात्र से दुसरे छात्र के फोटो के लिए “हॉट” या “नॉट” रेटिंग कर सकते थे ।


साथ ही अपने स्कूल के दौरान Zuckerberg ने एक म्यूजिक प्लेयर भी बनाया था जिसका नाम था Synapse Media Player.सबसे पहले Zuckerberg के पास सोशल नेटवर्क वेबसाइट बनाने का विचार लेकर दिव्य नरेन्द्र आए थे ।


 दिव्य नरेन्द्र एक अमेरिकी कारोबारी हैं जिन्होंने अपने शिक्षा के समय Harvard University में Zuckerberg को एक सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट बनाने की सलाह दी थी जिसका नाम Havard Connection रखा गया । पर बाद में Zuckerberg को अपना सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट बनाने का विचार आया जिसका डोमेन नाम उन्होंने thefacebook.com लिया था जो आज फेसबुक के नाम से मशहूर है । 


 The Facebook फेसबुक को उस समय अपने स्कूल के छात्रों के लिए ही बनाया गया था । उसको कुछ इस तरीके से बनाया गया था जिससे कि छात्र अपने गुणों जैसे अपने कक्षा , अपने मित्रों तथा टेलीफोन नंबर के बारे में सूची कर सकते थे । 


सबसे पहले Zuckerberg के पास सोशल नेटवर्क वेबसाइट बनाने का विचार लेकर दिव्य नरेन्द्र आए थे । दिव्य नरेन्द्र एक अमेरिकी कारोबारी हैं जिन्होंने अपने शिक्षा के समय Harvard University में Zuckerberg को एक सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट बनाने की सलाह दी थी जिसका नाम Havard Connection रखा गया । 


पर बाद में Zuckerberg को अपना सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट बनाने का विचार आया जिसका डोमेन नाम उन्होंने thefacebook.com लिया था जो आज फेसबुक के नाम से मशहूर है ।  The Facebook फेसबुक को उस समय अपने स्कूल के छात्रों के लिए ही बनाया गया था ।

 उसको कुछ इस तरीके से बनाया गया था जिससे कि छात्र अपने गुणों जैसे अपने कक्षा , अपने मित्रों तथा टेलीफोन नंबर के बारे में सूची कर सकते थे । कुछ ही दिनों में Mark Zuckerberg ने फेसबुक को अन्य स्कूली छात्रों तक पहुँचाने का सोचा और Columbia, New York University, Stanford, Dartmouth, Cornell, Penn, Brown, and Yale से शुरू किया ।  


Mark Zuckerberg बचपन से बहुत ही बुद्धिमान थे । उन्हें अपने स्कूल के गणित, खगोल विज्ञानं, भौतिकी और शास्त्रीय अध्ययन के लिए पुरस्कृत भी किया गया था । उनके कॉलेज के अनुसार वह फ्रेंच, हिब्रू, लैटिन, और प्राचीन यूनानी भाषा बोल और लिख सकते थे ।  


जब Mark Zuckerberg,  Harvard University में पढाई कर रहे थे उन्होंने अपने यूनिवर्सिटी के हॉस्टल कमरे में रहने वाले मित्रों (Eduardo Saverin, Andrew McCollum, Dustin Moskovitz और Chris Hughes) के साथ मिल कर फेसबुक को लांच किया था ।



 हलाकि उन्होंने अपने देश-भर में लोगों के सामने फेसबुक को बाद में रखा । फेसबुक की मदद से Mark Zuckerberg 23 साल की उम्र में करोड़पति बन चुके थे । देखते ही देखते फेसबुक इन्टरनेट पर बहुत ज्यादा मशहूर बन गया ।


 अक्टूबर 2006, जैसे ही फेसबुक पर 50 करोड़ ट्रैफिक पुरे हुए Yahoo! ने फेसबुक को 1 अरब $ में खरीदने का ऑफर दिया पर Zuckerberg नें पूरी तरीके से मना कर दिया । वर्ष 2006 में Zuckerberg Palo Alto, California चले आए और वहाँ उन्होंने एक छोटा सा घर lease पर लिया जहाँ उन्होंने अपना एक छोटा office खोला । 


 24 मई, 2007 को उन्होंने फेसबुक प्लेटफार्म की घोषणा किया जिसके कारण पुरे विश्व भर से 800000+ से भी ज्यादा developer फेसबुक से जुड़े । एप्लीकेशन डेवेलोप करने के लिए बहुत सारी तृतीय पक्ष की कंपनीयां फेसबुक से जुड़ने लगी ।


 उनमे से कुछ मुख्य कंपनियां थी, Microsoft, Amazon, Slide, RockYou, Box.net, Red Bull, Washington Post, Project Agape, Prosper, Snapvine, iLike, PicksPal, Digg, Plum । वर्ष 2013 में Zuckerberg ने इन्टरनेट की दुनिया में एक और नया प्रोजेक्ट Internet.org को शुरू किया ।

 इस प्रोजेक्ट को फेसबुक के साथ-साथ अन्य 6 कंपनियां Samsung, Ericsson, MediaTek, Opera Software, Nokia and Qualcomm) भी जुड़े है जिससे इन्टरनेट की सुविधाओं को ज्यादा-ज्यादा इन्टरनेट ना उपयोग कर पाने वाले लोगों तक पहुंचा सकें। 


 दिसम्बर 11, 2014 में Zuckerberg ने अपनी कंपनी के मुख्यालय में एक प्रश्न उत्तर सत्र में लोगों का जवाब देते हुआ कहा फेसबुक से लोगों का समय बर्बाद नहीं होता क्योंकि इससे लोग अपनों से और अपने समाज से जुड़े रहते हैं । 


साथ ही Facebook ने साल 2014 में दुनिया कि सबसे पोपुलर Chatting App –WhatsApp को 20 बिलियन अमरीकी डॉलर में ख़रीदा। मार्क ज़ुकरबर्ग ने इतने कम समय में सफलता प्राप्त की यह कोई जादू नहीं है उनकी कड़ी मेहनत का फल है । उन्होंने अपने रूचि को अपना उत्साह बनाया और आगे बढ़ते चले गए ।


 लोग अपने अन्दर के ज्ञान को समझ नहीं पाते पर उन्हें यह बात बचपन से ही समझ में आगया था जब उनको क्या करना है और किस दिशा को अपनाना है। 


 एक और बात उन्होंने कभी भी हार नहीं माना ! जब उनकी कंपनी में बहुत सारी मुश्किलों का दौर चल रहा था ताब भी उन्होंने हार नहीं मन और Yahoo! को अपनी कंपनी बेचने के लिए मना कर दिया । उनकी हार एक छोटी-छोटी बातों से पता चल जाता है कि वह इतने सफल आज क्यों है , और आगे भी सफलता प्राप्त करते रहेंगे ।

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