कुणाल बहल की जीवनी - CEO- Snapdeal Kunal Bahl Biography

कुणाल बहल की जीवनी - 
CEO Snapdeal Kunal Bahl Biography

Kunal Bahl Biography
Kunal Bahl Biography


Kunal Bahl

Snapdeal के CEO.
कुणाल बहल एक भारतीय Entrepreneur, सह-संस्थापक, और E-Commerce Platform Snapdeal के CEO हैं।
जन्म: 1 जनवरी 1984 (उम्र 35 वर्ष), नई दिल्ली
राष्ट्रीयता: भारतीय
जीवनसाथी: यशना बहल
साथी: रोहित बंसल
शिक्षा: दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम

संगठन की स्थापना: Snapdeal

कुणाल बहल एक भारतीय उद्यमी, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्नैपडील के सह संस्थापक और सीईओ हैं।

E-Commerce के क्षेत्र में खास पहचान हासिल कर चुकी स्नैपडील वेबसाइट से आप कई मर्तबा खरीदारी कर चुके होंगे, लेकिन क्या आप स्नैपडील के संस्थापक के बारे में जानते हैं? मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।


E-Commerce के क्षेत्र में खास पहचान हासिल कर चुके स्नैपडील के संस्थापक और सीईओ कुणाल बहल पर यह बात बिल्कुल फिट बैठती है।
कभी एक निजी कंपनी में 6550 रुपए मासिक तनख्वाह की नौकरी करने वाले कुणाल आज देशभर में दो हजार से ज्यादा कर्मचारियों की रोजी-रोटी का जरिया हैं।



Doon स्कूल के स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कुणाल ने छात्रों के साथ अपने जीवन के ऐसे ही उतार-चढ़ावों के अनुभव साझा किए।
शनिवार को दून स्कूल के रोज बाउल ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में कुणाल ने बताया कि उनके बड़े भाई आईआईटी के छात्र थे। माता-पिता हमेशा चाहते थे कि वह भी आईआईटी में जाएं। ढाई साल तैयारी भी की, लेकिन मन नहीं माना।
कुणाल ने आईआईटी जाने का लक्ष्य छोड़ दिया। कॅरियर की शुरुआत एक मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी में 6550 रुपए तनख्वाह से की।



  • VISA खत्म होने पर Microsoft से जुड़े.


एक साल बाद अभिभावकों के दबाव में वह पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए।
वहां भी कुछ समय एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी की, लेकिन वीजा खत्म होने पर माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ गए।
कंपनी की कोशिश के बावजूद वीजा नहीं बढ़ा तो वह भारत लौट आए।
कुछ समय बिजनेस के बारे में सोचते रहे। वर्ष 2009 में डिस्काउंट कूपन बुक कंपनी ‘Money Saver’ शुरू की।

इसके तहत लोगों को कूपन बेचकर रेस्टोरेंट में खाने, खरीदारी आदि में कुछ छूट दी जाती थी। लेकिन डेढ़ साल में 1.5 करोड़ कूपन बेचने का टारगेट सिर्फ 53 पर अटक गया।


कुणाल के मुताबिक इसके बाद लगा कि फेल हो गए। इस बीच 25 जून 2010 को अचानक कूपन की सेलिंग ऑनलाइन करने का आइडिया आया और आठ दिन के भीतर वेबसाइट लांच कर दी गई।
बताया कि शुरुआत में नतीजे अच्छे नहीं रहे, लेकिन धीरे-धीरे रेस्पांस बढ़ने लगा। ई-कॉमर्स की बारीकियां सीखने के लिए वर्ष 2011 में वह चीन भी गए। आज तीन साल बाद स्नैपडील देश की अग्रणी ई-कॉमर्स कंपनियों में शुमार है।





I Hope You Like The CEO - Snapdeal Kunal Bahl Biography
Stay Connected With StoryBookHindi
Daily Updates.

Post a Comment

0 Comments