Free Ebooks In Hindi - कल भी सूरज नहीं चढ़ेगा Surjit Singh Sethi

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कल भी सूरज नहीं चढ़ेगा 
Surjit Singh Sethi




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Free Ebooks In Hindi - कल भी सूरज नहीं चढ़ेगा - Surjit Singh Sethi



सुरजीत सिंह सेठी कौन है ?

सुरजीत सिंह सेठी का जन्म 1928 में पाकिस्तान के रावलपिंडी गुजरात के गुजरखान में हुआ था। उन्होंने अंग्रेजी में एमए किया था और पीएचडी के लिए इब्सिनिज्म (नाटकीय) पर अपनी थीसिस जमा की थी। उन्होंने कुछ समय के लिए ऑल इंडिया रेडियो में एक निर्माता के रूप में काम किया। वह पंजाबी विश्वविद्यालय में भाषण, नाटक और संगीत विभाग के संस्थापक थे, जिसे बाद में रंगमंच और टेलीविजन विभाग में बदल दिया गया। उन्होंने मंच, टीवी और फिल्म हस्तियों में कई छात्रों को तैयार किया, और पश्चिमी थियेटर के आधुनिक रुझानों से प्रभावित थे। 1995 में सेठी की मृत्यु हो गई।


प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

कल भी सूरज नहीं चढ़ेगा

राम बाग, अमृतसर। नया मिलिटरी हेडक्वार्टर। बहुत बड़ा कैंप। कैंप में केवल और जनरल डायर। शाम चार बजे का समय। डायर कुछ सोच रहा है। और मै.....मैं भी सोच रहा हूँ। डायर थका हुआ है। सुबह से उसने एक पल भी आराम नहीं किया है। और मैं.... मैं भी थक चुका हूँ। जहां-जहां डायर गया वहां-वहां मैं भी उसके साथ ही था, साये की तरह। नहीं साये से भी बढ़कर। साया भी कभी-कभी साथ छोड़ जाता है, परन्तु मैं तो एक पल के लिए भी उससे अलग नहीं हुआ था। 

डायर को विश्वास है कि वह कैंप में अकेला है। उसे तनिक भी अहसास हो कि कैंप में कोई और भी है तो वह इस तरह की हरकते नहीं करता। वह अपनी हरकतें करता जा रहा है। उसकी घबराहट उसकी बेचैनी स्पष्ट दिखाई पड़ रही है। मैं उसके सामने बैठा सभी कुछ देख रहा हूँ। देख-देखकर हैरान हो रहा हूँ। न जाने डायर को आज क्या हो गया है ! 

दाईं ओर वर्ष 1919 का कैलेंडर टंगा हुआ है। यकायक डायर कैलेंडर की ओर देखता है। फिर उठकर कैलेंडर के पास जाता है और जेब में से लाल पेंसिल निकालकर 13 अप्रैल पर निशान लगाता है। 
कुछ ही घंटों पहले ढोल पीटा जा रहा था। और यह सूचना दी जा रही थी – 
‘‘सूचित किया जाता है कि कोई भी व्यक्ति किसी प्राइवेट कार किराए के वाहन में या पैदल, बिना आज्ञा के शहर छोड़कर नहीं जा सकता। आज्ञा-पत्र इन अधिकारियों से लिया जा सकता है-

‘‘अमृतसर शहर में रहने वाले किसी व्यक्ति को आठ बजे रात के बाद घर से बाहर जाने की आज्ञा नहीं। 
‘‘रात आठ बजे के बाद जो भी व्यक्ति गली में नजर आया उसे गोली से उड़ा दिया जाएगा।



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